राजस्थान में कोविड-19 से मृतक की पार्थिव देह का अंतिम संस्कार राज्य सरकार द्वारा धार्मिक रीति रिवाज व् ससम्मान होगा

by Pawan Dev
राजस्थान में कोविड-19 से मृतक की पार्थिव देह का अंतिम संस्कार राज्य सरकार द्वारा धार्मिक रीति रिवाज व् ससम्मान होगा

कोविड-19 से मृतक की पार्थिव देह का होगा ससम्मान अंतिम संस्कार | 34.56 करोड़ रूपए स्वीकृत , आदेश ज़ारी

नगरीय निकायों को अंतिम संस्कार और कोविड जागरूकता के लिए स्वीकृत कियें गयें 34.56 करोड़ रूपए –

जयपुर, 26 अप्रेल। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक संवेदनशील तथा मानवीय निर्णय लेते हुए प्रदेश में कोविड-19 महामारी से मृत व्यक्तियों की पार्थिव देह का कोविड प्रोटोकॉल के अनुरूप सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करने तथा जागरूकता गतिविधियों के लिए राज्य के नगरीय निकायों को राजस्थान मुख्यमंत्री सहायता कोष कोविड-19 राहत कोष से 34 करोड़ 56 लाख रूपए उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी है। 

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री गहलोत ने कोविड जनित मृत्यु के मामलों में कोरोना प्रोटोकॉल के साथ ससम्मान अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव देह को चिकित्सालय से श्मशान अथवा कब्रिस्तान तक नि:शुल्क ले जाने तथा अंतिम संस्कार पर होने वाला समस्त व्यय नगरीय निकायों द्वारा वहन किए जाने के निर्देश दिए हैं । 

मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वायत्त शासन विभाग ने इस संबंध में सभी नगरीय निकायों को आदेश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश के अनुसार जिस अस्पताल क्षेत्र में कोविड जनित मृत्यु हुई है वहां अंतिम संस्कार के लिए एम्बुलेंस, शव वाहन या मोक्ष वाहिनी की व्यवस्था संबंधित नगरीय निकाय द्वारा की जाएगी। यदि परिजन दाह संस्कार पैतृक स्थान पर (निकाय के क्षेत्र से बाहर) करवाना चाहते हैं तो ऐसे मामलों में जिस निकाय के क्षेत्राधिकार में मृत्यु हुई है, वे जिला कलक्टर को सूचित कर एम्बुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित कराएंगे इसके साथ ही अंतिम संस्कार स्थल ग्रामीण क्षेत्र होने की स्थिति में अंतिम संस्कार के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की मॉनीटरिंग संबंधित उपखंड अधिकारी के स्तर पर की जाएगी।  

स्वायत्त शासन विभाग ने सभी निकायों को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुरूप एम्बुलेंस, शव वाहन अथवा मोक्ष वाहिनी के साथ ही अंतिम संस्कार के लिए आवश्यक सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा है। इसके साथ-साथ उक्त राशि का उपयोग नगरीय निकायों की ओर से मास्क वितरण, नो मास्क-नो मूवमेंट अभियान तथा कोविड अनुशासन के लिए नगरीय निकायों द्वारा की जा रही जागरूकता गतिविधियों के लिए भी किया जा सकेगा।  

Related Articles

Leave a Comment

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept

Privacy & Cookies Policy