फ्लेम यूनिवर्सिटी ने किया यंग एंटरप्रेन्योरशिप और स्टार्टअप सम्मेलन का आयोजन

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कार्यक्रम में मुख्य रूप से एक एंटरप्रेन्योर की ज़रूरत को समझते हुए इनोवेशन, एजुकेशन, इन्वेस्टमेंट, इंडस्ट्री, हेल्थ, और एंटरप्रेन्योरशिप की बारीकियों पर विशेष सत्र का आयोजन किया गया|

फ्लेम यूनिवर्सिटी में सेन्टर फ़ॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन ने अपने सबसे प्रशिक्षित पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम “ एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन (PGPEL) का शुभारंभ किया , जो मुख्य रूप से इच्छुक व्यवसायकर्मी और पारिवारिक व्यवसाय मालिकों को समर्थन देने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया हैं  जो लंबे समय से अपने व्यवसाय के उपक्रमो को लॉन्च करने व विकसित की मांग कर रहे थे |

श्री मोशिष दर्डा सह -संस्थापक और सीटीओं ,आईसीईआरटी आई एस ने दर्शकों को सम्मोधित करते हुयें कहा  ” एक जीवंत अर्थव्यवस्था का लोकाचार उधमियता और नवाचार गहराई से निहित है |

जैसे  भारत एक विश्वशक्ति के रूप में जाना जाता हैं जो दुनिया के भविष्य में मुख्य रूप से भूमिका निभा रहा है उसका हमें लाभ उठाना चाहिये

पुणे शहर शिक्षा व व्यवसाय क्षेत्र में अग्रणी हैं वही फ्लेम यूनिवर्सिटी ने बिजनेस की बारीकियों व बाजार की मांग को देखते हुयें अपने यहाँ नये बिज़नेस कोर्स शुरू कियें हैं जो वर्तमान समय की चुनौतियों को समझते हुयें बिजनेस को नया आयाम देने में सक्षम हैं |

कार्यक्रम में एक वर्षीय PGPEL  पाठ्यक्रम का परिचय भी शामिल था  जिसमे बिज़नेस विशेषज्ञ ,अनुभवी बिज़नेसमेन , इनवेस्टर द्वारा कार्यशाला का संयोजन शामिल हैं |

बोस्टन (यूएसए), बैंगलोर, दिल्ली, मुंबई, हुबली में वैश्विक और स्थानीय स्टार्टअप विसर्जन; और किसी व्यवसाय को बढ़ाने या लॉन्च करने का अनुभव। फ्लेम विश्वविद्यालय के परिसर में युवा आकांक्षाओं ने फ्लेम सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन के निदेशक श्री दर्शन दोशी के प्रेरणादायी शब्दों को याद किया।

फ्लेम सेंटर फ़ॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन के निदेशक श्री दर्शन दोशी ने कहा  आगामी 3 से 5 वर्ष में कारोबार और स्टार्टअप को 10 गुनी वर्द्धि की आवश्यकता हैं वर्तमान में बिजनेस जिस सोच से संचालित हो रहे है वह नही चल सकता |

बिजनेस में एक मजबूत प्रभाव बनाने के लियें लोगों को एक अधिक  उधमी मानसिकता और कौशल की आवश्यकता हैं इसके अलावा सीखने के लियें संस्थापकों व्यवसाय के मालिकों के लियें अनुभवात्मक और प्रासंगिक होना चाहियें

सम्मेलन की शुरुआत डॉ दशान कामदार और मोशिष दर्डा सह संस्थापक और आईसीईआरटीएस के सीटीओ द्वारा मुख्य संबोधन के साथ हुई जिन्होंने ने पुणे से एक समूह का निर्माण कर जानकारी दी इसके बाद हाई इम्पेक्ट एंटरप्रेन्योर का निर्माण किया गया है |

हाई इम्पेक्ट स्टार्टअप में निवेश ” एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन ऑन कैम्पस – पुणे में लेडीज कम्युनिटी के जरिये महिला उधमीयों को सशक्त बनाने पर एक संबोधन दिया |

डॉ द्वारिका प्रसाद उनियाल द्वारा समापन नोट के साथ सम्मेलन का समापन किया गया और कहा, “हमारा मानना ​​है कि यह सम्मेलन हाई इम्पैक्ट एंटरप्रेन्योरशिप और इनोवेशन पर दो प्रमुख कारणों से एक शानदार सफलता थी। एक, इस सम्मेलन में वैश्विक विशेषज्ञों को लाने की हमारी क्षमता शिक्षा, उद्यमशीलता और अनुभवात्मक अधिगम में सबसे आगे FLAME की स्थिति को दर्शाती है। दूसरा, इंटरेक्टिव सत्रों और चर्चाओं के हमारे मिश्रण ने उम्मीदवारों के साथ-साथ संकाय सदस्यों को अपने संबंधित उद्योगों के अग्रदूतों के साथ स्वतंत्र रूप से जुड़ने की अनुमति दी। हमें खुशी है कि हम उच्च गुणवत्ता वाले सीखने के अनुभव और प्रतिभागियों को नए अवसर प्रदान करने में सक्षम थे। ”

सम्मेलन में अन्य पैनलिस्ट और वक्ताओं में डॉ। अरविंद चिंचुर – मुख्य मेंटर, फ्लेम यूनिवर्सिटी, श्री प्रसन्न कृष्णमूर्ति – संस्थापक, उपलेखा, श्री साशी चिमाला – उद्यमी, श्री रवि निगम – संस्थापक, टेस्टी बाइट, सुश्री सोनिया अग्रवाल कोनजेटी – संस्थापक, पुलावा शामिल थे। पुणे लेडीज, मिस्टर अभिजीत गुप्ता – संस्थापक, प्रेक्सिफाई, मिस्टर सचिन ओसवाल – इंडिपेंडेंट इन्वेस्टर, मिस्टर जिरेन्द्र कस्मलकर – अलाकारिटी इंडिया के जनरल पार्टनर, मिस्टर विश्वास महाजन – फाउंडर, विजीबल, डॉ। भरत दमानी – चेयर एंटरप्रेन्योरशिप, फ्लेम यूनिवर्सिटी, मि। अद्वैत कुरलेकर – संस्थापक, उपोहन, सुश्री अश्विनी देशपांडे – संस्थापक, हाथी डिजाइन, डॉ। अमरप्रीत एस घूरा – सहायक प्रोफेसर, उद्यमिता, फ्लेम विश्वविद्यालय और श्री विनीत पाटनी – स्वतंत्र निवेशक।

भारत में उद्यमिता के बारे में बोलते हुए, प्रसन्ना कृष्णमूर्ति ने कहा, “आज भारत में उद्यमिता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है – बड़ी संख्या में युवा रोजगार की कमी के साथ नौकरियों की तलाश में हैं। इस जाल से निकलने का एकमात्र तरीका उद्यमियों के लिए उच्च विकास व्यवसायों का निर्माण करना है जो कौशल स्तरों पर बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार दे सकते हैं। कई छोटे व्यवसाय बड़े पैमाने पर नहीं होते हैं क्योंकि संस्थापकों में उद्यमी कौशल की कमी होती है जो उन्हें बाजार / उत्पादों की पहचान करने और पैमाने के लिए निर्माण करने में मदद कर सकते हैं। फ्लेम यूनिवर्सिटी का PGPEI अत्यधिक स्केलेबल व्यवसायों पर केंद्रित है जो कि हमारी अर्थव्यवस्था द्वारा ऐसे ढांचे का उपयोग करके आवश्यक हैं जो संस्थापकों की मदद कर सकते हैं। ”

दिन भर का सम्मेलन छात्रों के साथ संपन्न हुआ और उद्यमियों की सफलता की कहानियों को सीखने और साझा करने, उद्यमशीलता की शिक्षा के महत्व, चुनौतियों और जीविका के सुझावों को साझा करने के लिए आया। उद्यमिता और नवाचार में स्नातकोत्तर कार्यक्रम के बारे में अधिक जानने के लिए www.flame.edu.in पर जाएं।

 

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