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बुल्ली बाई ऐप को ब्लॉक कर दिया गया है, लेकिन कोई आश्वासन नहीं है कि इसे मुस्लिम महिलाओं अपमानित करने के लिए दोहराया नहीं जायेगा

मुस्लिम महिलाओं को ‘डील्स ऑफ द डे’ टैगलाइन के साथ बेचने के लिए एक मोबाइल ऐप बुल्ली बाई को ब्लॉक कर दिया गया है, लेकिन कोई उचित जांच और गिरफ्तारी के बिना। क्या भारतीय मुस्लिम महिलाये चैन से सो सकती हैं

शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी द्वारा आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव के संज्ञान में लाए जाने के बाद, बुली बाई, एक ऐप जिसने सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरों का उपयोग करके परेशान करने की कोशिश की गई, अब उसे बंद कर दिया गया हैं |

यह दूसरी बार है जब भारतीय मुस्लिम महिलाओं को इस तरह की अपमानजनक कार्रवाई और कॉलआउट का सामना करना पड़ा है। जुलाई में ‘सुली डील्स’ नाम की एक ऐप ने मुस्लिम महिलाओं को ऑनलाइन नीलाम कर उन्हें परेशान करने के लिए इसी तरीके का इस्तेमाल किया था। यह कहना मुश्किल है कि भारत में इस तरह की चीजें खत्म हो जाएंगी क्योंकि प्रशासन और पुलिस ने करीब छह महीने पहले सख्त कार्रवाई नहीं की और ना ही
दोषियों को पकड़ा गया।

यह भारतीय मुस्लिम महिलाओं को बदनाम करने के इरादे से किया गया हैं

सुल्ली शब्द को एक अपमानजनक हिंदी शब्द माना जाता है जिसका इस्तेमाल भारतीय मुस्लिम महिलाओं को ट्रोल करने के लिए किया गया है।'बुली' शब्द भी समान अर्थ वाला उपोत्पाद है।

हालांकि ये ऐप मुस्लिम महिलाओं की नीलामी के लिए थे, लेकिन एक भी डील नहीं हुई। ऐप बनाने वालों का मुख्य उद्देश्य माना जाता था – मुस्लिम महिलाओं को उनकी तस्वीरों के छेड़छाड़ किए गए संस्करण को ऑनलाइन अपलोड करके परेशान करना और शर्मिंदा करना।

भारतीय मुस्लिम महिला पत्रकारों, प्रतिष्ठित महिला कार्यकर्ताओं, एक पुरस्कार विजेता बॉलीवुड अभिनेत्री को ऐप में ‘डील्स ऑफ़ द डे’ शीर्षक के साथ दिखाया गया था। यहां तक ​​कि एक लापता कॉलेज छात्र की मां को भी नहीं बख्शा गया।

फिर से उभरने में अभी आधा साल लगा

जुलाई 2021 में सुल्ली डील के छह महीने के भीतर बुल्ली बाई विवाद फिर से शुरू हो गया। भारतीय प्रशासन ने तब इस तरह के साइबर धमकी के खिलाफ एक सुरक्षात्मक और निवारक उपाय के रूप में ऐप को बंद करने का आश्वासन दिया था। सुल्ली डील मामले में आज तक एक भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

एक ट्विटर यूजर नबिया खान ने 12 जुलाई को दर्ज की गई उनकी शिकायत के आधार पर दिल्ली पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई पर सवाल उठाया। “मैं अभी भी इसका इंतजार कर रही हूं। 5 महीने पहले ही हो चुके हैं। इस बार आप क्या कार्रवाई करेंगे, ”उसने लिखा।

रेडियो जॉकी, सईमा ने कहा, “अगर पुलिस और सरकार ने पिछले साल उनके खिलाफ कार्रवाई की होती तो हमें इस अपमान से दोबारा नहीं गुजरना पड़ता।” सईमा भी बुल्ली बाई ऐप सौदों में से एक पीड़िता हैं |

पत्रकार इस्मत आरा ने ऐप में अपना नाम और फोटो आने के बाद  दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज शिकायत और आरोपों में यौन उत्पीड़न और धर्म के आधार पर दुश्मनी को बढ़ावा देना शामिल था।

मुंबई पुलिस ने एक अन्य पीड़ित की शिकायत के आधार पर कई ट्विटर हैंडल और ऐप डेवलपर्स के खिलाफ दूसरा मामला भी दर्ज किया। इनमें से अधिकांश पीड़ित महिलाये परेशान और डरी हुई थी |

असरा ने अल जज़ीरा को बताया कि जांच में ढील देखकर उन्हें बड़ी निराशा हुई हैं | यह देखना वास्तव में निराशाजनक है कि इस तरह के नफरत फैलाने वालों को बिना किसी डर के मुस्लिम महिलाओं को टारगेट कर रहे हैं और पुलिस चुपचाप बैठी हुई हैं।

सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट कर के कहा की ”सिर्फ ऐप को ब्लॉक कर देने से समस्या की समाधान नहीं हो सकता बल्कि ऐसी साइट बनाने वाले अपराधियों को दंडित करना महत्वपूर्ण है” उसने अपने एक साक्षात्कार में यह भी कहा कि बुल्ली बाई ऐप को इसलिए बन पायी क्योंकि सुल्ली डील ऐप के अपराधियों को पकड़ा नहीं गया था |

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