इंटरप्रेन्योरबिज़नेस

अपने भाग्य को स्वयं बदलना

यह कहानी दृढ़ता में आपका विश्वास फिर से उजागर करेगी । यह एक व्यक्ति की कहानी है, जिसने अपना कैरियर आईएसपी (ISP) कनेक्शन बेचने से शुरू किया और वर्तमान में बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) के बोर्ड में हैं ।

“यदि चार चीजों का पालन किया जाता है- एक महान उद्देश्य होना, ज्ञान प्राप्त करना, कड़ी मेहनत करना और दृढ़ता – तो कुछ भी हासिल किया जा सकता है”- ए.पी.जे. अब्दुल कलाम

महापुरुषों द्वारा महान उद्धरण खोजने पे कई मिल जाएंगे । कड़ी मेहनत और हठ दो ऐसे गुण हैं जिनके बारे में हम अक्सर सुनते हैं । हालांकि, युवाओं को अपने धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ जीवन व्यापन करते हुए काम देखने को मिलता है। जीवन दिन प्रतिदिन एक कठिन प्रतिस्पर्धा हो रहा है जिस कारणवश युवा अक्सर आशा खो देते है और अपने सपनों को भूल बैठते हैं  । बहुत से युवा इस तथ्य से फंस जाते हैं कि वे पैदाइशी धनी नहीं हैं या फिर अपने कुछ साथियों के समान विशेषाधिकार नहीं हैं । लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जिनके सामने जीवन में जैसी भी परिस्तिथि आ जाये वे उसे सफलता प्राप्त करने का एक मार्ग बनाने लेते हैं।

यह कहानी दृढ़ता में आपका विश्वास फिर से उजागर करेगी । यह एक व्यक्ति की कहानी है, जिसने अपना कैरियर आईएसपी (ISP) कनेक्शन बेचने से शुरू किया और वर्तमान में बहुराष्ट्रीय कंपनियों (MNCs) के बोर्ड में हैं । यह कहानी है गुड़गांव में रहने वाले 44 वर्षीय कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव विनीत पूरी की। एक बेडरूम वाले घर में जन्मे विनीत ने अपना बचपन और किशोर साल राजनगर और तुगलकाबाद की भीड़भाड़ वाली गलियों में  बिताये।

हालांकि टूटी सड़कों और संकरी गलियां उसे सपने देखने से नहीं रोक सकीं। विनीत बचपन में अपनी स्कूली शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए रोज़ 2 5  घंटे सार्वजनिक परिवहन में सफर करता था। वह इसी दृढ़ विश्वास से चलते रहे की जीवन में अभी बहुत कुछ बाकी है। विनीत ने हाई स्कूल के ठीक बाद ट्यूशन पढ़ना शुरू कर दिया । ये अतिरिक्त कमाई उन्हें उच्च शिक्षा प्राप्त के लिए काम आई और विनीत ने अपने माता पिता का भी खर्च में हाथ बटाया।

समाज के दबाव में विनीत ने थोड़ी सफलता के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं को क्लियर करने में अपना हाथ आजमाया। इसके बाद उन्होंने अपने सीमित धन से कई छोटे बिजनेस लॉन्च करने की कोशिश की । आईएसपी कनेक्शन बेचना और एक चिकित्सा प्रतिनिधि बनना विनीत ने अपने  कैरियर के प्रारंभिक दौर में डटे रहने के लिए किया। विनीत ने कड़ी मेहनत करके एक अमेरिकी विश्वविद्यालय में MBA में प्रवेश लिया , और इस दौरान वह अपने खर्चों को पूरा करने के लिए स्थानीय रेस्तरां में बर्तन धोते थे । विनीत 2004 में भारत लौटे और अपने बचपन के प्रेम से शादी कर ली।

इसके बाद, विनीत पूरी की किस्मत चमक गई और किस्मत का पहिया उसके पक्ष में घूमने लगा। एक नौकरी से दूसरे कॉर्पोरेट क्षेत्र में, विनीत ने अपने सपनों के प्रति अधिक दृढ़ संकल्प के साथ काम किया। जल्द ही, 2007 में, विनीत पूरी 7-अंकों के वेतन के साथ एक सूचीबद्ध बहुराष्ट्रीय कंपनी के उपाध्यक्ष बने। आज, विनीत पूरी एक एमएनसी में बोर्ड सदस्य हैं , एक प्रमुख व्यापार निकाय का सदस्य है, और एक एमएनसी के साथ एक वरिष्ठ व्यापार कार्यकारी है। उन्होंने अपना एक अंतरराष्ट्रीय पोर्टफोलियो बना लिया है।

विनम्र और ईश्वर से डरने वाले विनीत का ड्रीम रन अभी समाप्ति से बहुत दूर है। सफलता की सीढ़ी को दिन प्रतिदिन चढ़ते समय, विनीत सुनिश्चित करता है कि वह उन सभी लोगों की मदद कर सके जो सीखने के लिए तत्पर हैं। अपनी सफलता के बारे में,  उनका मानना ​​है कि सफलता कड़ी मेहनत और दृढ़ता का पर्याय है। खैर, उनकी जीवन कहानी के आधार पर, हम और अधिक सहमत नहीं हो सकते थे।

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